ज़न्नत की फ़िकर किसे है →
ज़न्नत की फ़िकर किसे है,
हमे तो आज बस जी लेने दो.
क्या पता मयखाना रहे न रहे,
दिल खोल कर बस पी लेने दो.
हमने तो देखा है सबेरा होते,
वक़्त दिन का तो जी लेने दो.
हसीं रात होगी या कयामत होगी,
…
ज़न्नत की फ़िकर किसे है,
हमे तो आज बस जी लेने दो.
क्या पता मयखाना रहे न रहे,
दिल खोल कर बस पी लेने दो.
हमने तो देखा है सबेरा होते,
वक़्त दिन का तो जी लेने दो.
हसीं रात होगी या कयामत होगी,
…
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