Aug
9th
Sun
9th
क्या यही नियति है?
उगते सूरज को शीश नवाते हैं
जिससे कुछ मिल जाए, उसकी गाते हैं.
जो अस्त होता है उसे चिढ़ाते है.
सत्य क्या और नैतिकता क्या,
जो सत्तासीन है उसकी सब गातें हैं
यह अब सर्वमान्य नियम है,
काम हो…