24th
रुक जायेगी ज़िन्दगी उस दिन,
संतुष्ट हो गया मैं अपने से
और अपने आप से जिस दिन.
क्षुब्ध हूँ निराश हूँ तो जीवित मेरी प्यास है
भूखों-नंगो के दुखों से आहत हूँ
तो कुछ कर गुजरने की आस है
प्रश्न आते…

